लोकसभा में वित्‍त विधेयक-2019 ध्‍वनिमत से पारित

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लोकसभा ने आज वित्‍त विधेयक 2019 ध्‍वनिमत से पारित कर दिया। विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए वित्‍त मंत्री पीयूष गोयल ने राज्‍यों से अनुरोध किया कि किसानों से जुड़े आंकड़े शीघ्र उपलब्‍ध कराए जाएं, ताकि प्रधानमंत्री किसान योजना के अंतर्गत उनकी आय सहायता राशि उनके खातों में डाली जा सके। वित्‍त मंत्री ने कहा कि अगर करदाता, बचत और मेडी क्‍लेम में निवेश में करता है या शिक्षा ऋण लेता है तो वे साढ़े नौ लाख रूपए तक की आय पर कर में छूट प्राप्‍त कर सकते हैं।

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पीयूष गोयल ने कहा कि बीस वर्ष की अवधि के लिए छह लाख तक के रुपये के ऋण पर सरकार ब्‍याज में साढ़े छह प्रतिशत रियायत देती है।

निम्‍न आय वर्ग और खास तौर से जिनकी कर देय आय पांच लाख रूपए तक है, उन्‍हें और अधिक लाभ देने की आवश्‍यकता है। सरकार ने अपने अंतरिम बजट में निर्णय लिया कि निम्‍न आय वर्ग या वे वर्ग जो पांच लाख, छह से आठ लाख की आय पर आयकर देते हैं उन्‍हें ढाई हजार रूपए से लेकर साढ़े बारह हजार रूपए तक छूट दी जाए। लेकिन उनकी कटौती और छूट के बाद कर देय आय लगभग पांच लाख रूपए आती है।

चर्चा में भाग लेते हुए कांग्रेस नेता के सी वेणुगोपाल ने कहा कि एनडीए के शासनकाल में बेरोजगारी, गरीबी और कृषि संकट गहराया है।तृणमूल कांग्रेस के सौगत रॉय ने कहा कि सरकार वोट बटोरने के लिए बजट में जनता को रिश्‍वत दे रही है।

मार्क्‍सवादी कम्‍युनिस्‍ट पार्टी के एम.बी. राजेश ने युवाओं को रोजगार देने में सरकार के रिकार्ड पर सवाल उठाया है।
तेलंगाना राष्‍ट्र समिति के नरसिंह गौड़ ने तेलंगाना से जुड़े मुद्दे उठाते हुए विधेयक का समर्थन किया।

भारतीय जनता पार्टी के ओ.एम. बिरला ने कहा कि सरकार ने देश के सामाजिक और आर्थिक विकास की नींव रखी है

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