प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बच्चों को अक्षय पात्र की तीन सौ करोड़वीं थाली परोसी

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वृंदावन : एनजीओ अक्षय पात्र फाउंडेशन के 300 करोड़वीं थाली परोसने के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिस्सा लेने के लिए सोमवार को उत्तर प्रदेश के वृंदावन पहुंचे। उन्होंने यहां चंद्रोदय मंदिर में प्रभुपाद जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उसके बाद उत्तरप्रदेश के राज्यपाल राम नाईक के साथ अक्षय पात्र की 300 करोड़वीं थाली का पट्टिका का अनावरण किया। उन्होंने आशीर्वाद स्वरूप वृंदावन के स्कूलों के बच्चों को पात्र दिए और फिर उनमें भोजन परोसा। उन्होंने बच्चों से संवाद भी स्थापित किया। इस दौरान बाहुबली फिल्म के डायरेक्टर एसएस राजमौली और शेफ संजीव कपूर भी मौजूद रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आने में विलंब के लिए लोगों से क्षमा मांगी। उन्होंने कहा, लीलाधर बाल गोपाल की धरती से सभी का अभिनंदन करता हूं। अटलजी के कार्यकाल में 15 सौ थाली से शुरू हुए अभियान की 3 अरबवीं थाली परोसने का मुझे सौभाग्य मिल रहा है। मोदी ने खाना बनाने से लेकर खाना बनाने, पहुंचाने वाले सभी लोगों का आभार जताया। उन्होंने कहा, जिस प्रकार मकान के नींव का मजबूत होना आवश्यक है, उसी तरह देश के बचपन को मजबूत होना चाहिए। गर्भ से ही बच्चों के सेहत का ख्याल रखा जाना चाहिए। जिसका आहार, आचार संतुलित हो, ध्यान का रास्ता उसके दुखों को समाप्त कर देता है। प्रधानमंत्री के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल राम नाईक, धर्मार्थ कार्य एवं संस्कृति मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण, ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा, सांसद हेमा मालिनी, बेसिक शिक्षा मंत्री अनुपमा जायसवाल, अक्षय पात्रा के उपाध्यक्ष चंचला पति दास मौजूद रहे। सीएम योगी ने कहा, अक्षयपात्र की 300 करोड़वीं थाली परोसने का काम आज पीएम मोदी के द्वारा किया जा रहा है। यूपी के प्राइमरी और माध्यमिक स्कूलों में एक करोड़ 77 लाख बच्चे पढ़ रहे हैं। जल्द ही 10 नए जिलों में बच्चों को अक्षयपात्र का खाना बच्चों को मिलेगा। छह जिलों में किचेन बनाया जाएगा। सरकार की मिड-डे मील फ्लैगशिप योजना के तहत अक्षय पात्र फाउंडेशन की शुरुआत जून 2000 में बेंगलुरु में हुई थी।

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योजना में सबसे पहले पांच सरकारी स्कूलों के करीब 1500 बच्चों को भोजन उपलब्ध कराया गया था। पिछले 19 साल में यह फाउंडेशन कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, ओडिशा, राजस्थान, झारखंड और मध्यप्रदेश समेत 12 राज्यों के करीब 14,708 स्कूलों के करीब साढ़े 17 लाख बच्चों को खाना मुहैया करा रहा है। फाउंडेशन का 2025 तक देश के 50 लाख बच्चों को भोजन मुहैया कराने का लक्ष्य है। उन्होंने वृंदावन की गायों का जिक्र किया। कहा, गाय हमारी परंपरा और संस्कृति का हिस्सा रही है। गाय ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत हिस्सा रही हैं। गोकुल की इस भावना को पशुधन को स्वस्थ्य और बेहतर बनाने के लिए राष्ट्रीय गोकुल मिशन शुरू किया गया था। गोवंश संवर्धन के लिए बजट में 500 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। पशुपालकों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड के तहत तीन लाख रुपए कर्ज मिलना सुनिश्चित हुआ है। यह कदम देश की डेयरी इंडस्ट्री को आगे बढ़ाएगा।

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