कुछ इस तरह है रजनीकांत का पारिवारिक जीवन

0
5

नई दिल्ली : रजनीकांत का असली नाम शिवाजी राव गायकवाड़ (Shivaji Rao Gaekwad) है। उनका जन्म 12 दिसंबर, 1950 को कर्नाटक के बैंगलोर में एक मराठा परिवार में हुआ था। छोटी सी उम्र में ही उनकी माँ का देहांत हो गया, जिससे उनको बहुत तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा। शुरुआत में उन्होंने अपनी पढ़ाई आचार्य पाठशाला से शुरू की। बाद में उन्होंने उच्च शिक्षा बैंगलोर के रामकृष्ण मिशन से पूरा किया। 1981 में लाथा रंगराजन उनकी जीवनसंगिनी बनीं। उनकी दो बेटियां ऐश्वर्या और सौन्दर्या हैं। रजनीकांत के दो छोटे भाई और एक बहन है। जब वह पांच साल के थे, उनकी माँ जीजाबाई का देहांत हो गया।

उसके बाद उनके ऊपर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा। माँ की मौत के बाद अपनी बदली जीवनशैली में उन्हें अपने समुदाय में कुली का काम करना पड़ा। कुलीगिरी करते हुए शुरुआती शिक्षा उन्होंने आचार्य पाठशाला में पाई और उच्च शिक्षा रामकिशन मिशन में हासिल की। 1966 से 1973 के बीच उन्होंने चेन्नै से लेकर बेंगलुरु तक कई नौकरियां कीं। इसके बाद उन्हें बेंगलुरु ट्रांसपोर्ट सर्विस में बस कंडक्टर की नौकरी मिल गई। फिर शुरू हुई थियेटर की ज़िंदगी। उन्हें थियेटर में पहला मौका मशहूर नाट्य लेखक और निदेशक टोपी मुनिअप्पा ने दिया।

महाभारत की कथा पर आधारित एक नाटक में उन्होंने उन्हें दुर्योधन का रोल दिया। उनका अभिनय सराहा गया। इस दौरान उनके सहकर्मी राज बहादुर ने उन्हें मद्रास फ़िल्म इंस्टिट्यूट जॉइन करने की सलाह दी। पढ़ाई का सारा खर्चा उन्होंने उठाया। नाटकों में अभिनय के दौरान मशहूर फ़िल्म निदेशक के. बालचंदर की नजर उन पर गई। बालचंदर ने उन्हें तमिल सीखने और बोलने की सलाह दी। रजनीकांत ने उनकी सलाह मान ली और बाद में तमिल उनके करियर में सहायक हुई। फ़िल्म इंस्टिट्यूट की ट्रेनिंग के बाद उनकी फ़िल्मी गाड़ी चल निकली।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here