इस मंदिर में भक्त लगते हैं सिगरेट का भोग

0
14

आपने सुन रखा होगा कि मध्यप्रदेश के उज्जैन ( ujjain) के कालभैरव मंदिर में भगवान शराब पीते हैं| भक्त अपनी मन्नत पूरी होने पर वहां शराब चढ़ाते हैं| आज हम आपको ऐसी ही एक और अनूठी जगह के बारे में बताने वाले हैं, जहां भगवान शंकर सिगरेट पीते हैं| इसी कारण यहां आने वाले भक्त भगवान को सिगरेट का भोग लगाते हैं|

Loading...

भारत में कई धर्मों को मानने वाले लोग रहते हैं और सभी की मान्यताओं और रिवाजों में विविधता के दर्शन होते हैं| यहां भगवानों के प्रति आस्था इतनी चरम पर होती है कि भक्त भगवान को अपने समक्ष महसूस करते हैं| सालों पहले इस बात की चर्चा बहुत चली थी कि देवी-देवता दूध पी रहे हैं| उस समय मंदिरों में भगवान को दूध पिलाने के लिए बड़ी संख्या में भक्त उमड़े थे| इसी प्रकार हिमाचल प्रदेश के अर्की सोलन ज़िले में स्थित लुटरू महादेव मंदिर (Lutru Mahadev Temple) में भी भगवान शिव को सिगरेट चढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में भक्त उमड़ते हैं| वहां पर सिगरेट का चढ़ावा ही मुख्य माना जाता है।

इस मंदिर की खास बात यह है कि जो लोग भी यहां पर सिगरेट चढ़ाते हैं, भगवान शिव उन्हें निराश नहीं करते हैं| वे उनकी सिगरेट पीते हैं और वह सिगरेट देखते ही देखते कुछ मिनटों में ही खत्म हो जाती हैं।

इसके अलावा इस मंदिर की एक और सबसे खास बात यह है कि यहां पर जो भी भक्त सिगरेट चढ़ाते हैं, उसे कोई भी सुलगाता नहीं है बल्कि खुद-ब-खुद वह सिगरेट सुलग जाती है इसे आप भक्तों की आस्था व उनकी श्रद्धा कहें या अंधविश्वास कहें, लेकिन यह बात बिल्कुल सच है।

यहां पर आने वाली सभी भक्ति इस अद्भुत नजारे को देखकर अपने कैमरे में कैद करके ले जाते हैं आप भी यदि यह अद्भुत नजारा देखना चाहते हो तो हिमाचल प्रदेश के इस मंदिर में आकर जरूर भगवान शिव के मंदिर में माथा टेक कर आये।

यहां पर आने वाली सभी भक्त इस अद्भुत नजारे को देखकर अपने कैमरे में कैद करके ले जाते हैं और यह भ्रमण उनके लिए यादगार हो जाता है| यदि आप भी यदि यह अद्भुत नजारा देखना चाहते हो तो हिमाचल प्रदेश के इस मंदिर में आकर जरूर भगवान शिव के मंदिर में माथा टेक कर आएं।

प्रधानमंत्री बेरोजगार भत्ता योजना में आवेदन करें और पायें 4100 रुपये प्रति महिना घर बैठे 
इस पूर्ण जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें 
ऑनलाइन आवेदन करने के लिए यहाँ क्लिक करें 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here